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गैर आदिवासी चंद्रकांत पराते यांच्यावर फौजदारी गुन्हा दाखल करून सर्व आर्थिक लाभ वसूल करा- बिरसा फायटर्सची मागणी

गैर आदिवासी चंद्रकांत पराते यांच्यावर फौजदारी गुन्हा दाखल करून सर्व आर्थिक लाभ वसूल करा- बिरसा फायटर्सची मागणी

रत्नागिरी/ सुशीलकुमार पावरा:
सर्वोच्च न्यायालय नवी दिल्ली यांनी दिनांक 10 ऑगस्ट 2021 रोजी चंद्रकांत पराते उपायुक्त नागपूर विभागीय आयुक्तालय यांचे जात प्रमाणपत्र अवैध ठरवले आहे. म्हणून चंद्रकांत पराते यांच्या वर फौजदारी गुन्हा दाखल करून सर्व आर्थिक लाभ वसूल करा, अशी मागणी सुशीलकुमार पावरा संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरसा फायटर्स यांनी महाराष्ट्राचे मुख्यमंत्री उद्धवजी ठाकरे, आदिवासी विकास मंत्री के.सी.पाडवी, मुख्य सचिव महाराष्ट्र राज्य,प्रधान सचिव महाराष्ट्र,प्रधान सचिव महसूल विभाग, आयुक्त, आदिवासी संशोधन व प्रशिक्षण संस्था पुणे, उपसंचालक जात पडताळणी समिती नागपूर, विभागीय आयुक्त नागपूर, पोलीस आयुक्त नागपूर यांच्या कडे एका निवेदनाद्वारे केली आहे. या मागणीचे निवेदन मनोज पावरा राज्याध्यक्ष, राजेश धुर्वे उपाध्यक्ष, राजेंद्र पाडवी महासचिव, दादाजी बागूल कोषाध्यक्ष, कार्याध्यक्ष नंदलाल पाडवी, राज्य प्रवक्ता रोहित पावरा, केशव पवार महानिरीक्षक, विलास पावरा नाशिक विभाग अध्यक्ष,राजाभाऊ सरनोबत कोकण विभाग अध्यक्ष, कृष्णा भंडारी पुणे जिल्हाध्यक्ष, सतिश जाधव जिल्हाध्यक्ष ठाणे, वसंत पावरा जिल्हाध्यक्ष धुळे, गणेश खर्डे जिल्हा प्रसिद्धी प्रमुख नंदुरबार इत्यादी बिरसा फायटर्स पदाधिकारी यांनी प्रशासनाला निवेदन पाठवली आहेत.
निवेदनात म्हटले आहे की, कोष्टी हे हलबा किंवा हलबी नाहीत. त्यामुळे ते अनुसूचित जमातींच्या आरक्षणासाठी पात्र नाहीत असा सर्वोच्च न्यायालयाने उपविभागीय अधिकारी चंद्रकांत पराते यांच्या प्रकरणात निर्णय दिला आहे. कोर्टाने त्यांचे जात प्रमाणपत्र रद्द करण्याचा व उच्च न्यायालयाच्या नागपूर खंडपीठाचा निर्णय कायम ठेवला आहे. न्यायमूर्ती उदय ललित व अजय रस्तोगी यांच्या खंडपीठाने 10 ऑगस्ट 2021 रोजी हा हा महत्व पूर्ण निर्णय दिला आहे.

हलबा कोष्टी जात प्रमाणपत्राच्या आधारे तहसीलदार पदी नियुक्त झालेले चंद्रकांत पराते यांचे प्रमाणपत्र जातपडताळणी समितीने अवैध ठरवले होते. याला चंद्रकांत पराते यांनी आवाहन दिले होते. नागपूर खंडपीठाने 6 एप्रिल 2016 रोजी त्यांची याचिका फेटाळली. त्यानंतर चंद्रकांत पराते यांनी सर्वोच्च न्यायालयात दिवाणी अपिल केले होते. त्यावर सुनावणी होऊन चंद्रकांत पराते यांचे सर्वोच्च न्यायालयाने दिनांक 10 ऑगस्ट 2021 रोजी जात प्रमाणपत्र अवैध ठरवले आहे.म्हणून चंद्रकांत पराते यांच्या वर फौजदारी गुन्हा दाखल करून सर्व आर्थिक लाभ वसूल करा अशी मागणी बिरसा फायटर्स संघटनेच्या वतीने करण्यात आली आहे.

6 thoughts on “गैर आदिवासी चंद्रकांत पराते यांच्यावर फौजदारी गुन्हा दाखल करून सर्व आर्थिक लाभ वसूल करा- बिरसा फायटर्सची मागणी

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